अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का समापन

अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का समापन

‘इसिस’ के आतंकवादियों को ‘एम्.आय.एम्’ के ओवैसी की ओर से खुली सहायता !
रामनाथी (गोवा) – ‘भाग्यनगर (हैद्राबाद) में वर्ष 2002 को हुए श्रृंखला बम-विस्फोटों में अनेक निरपराध लोग मारे गए थे । इस प्रकरण में बंदी बनाए गए आतंकवादियों को ‘एम्.आय्.एम्’ के ओवैसी ने सहायता की । इसके बाद 1 जून 2018 को ‘एन्.आय.ए.’ने इस्लामिक स्टेट (इसिस) के 12 आतंकवादियों के गिरफ्तार होने पर, मुझपर तथा श्री भाग्यलक्ष्मी मंदिर पर आक्रमण करने का उनका षड्यंत्र विफल हुआ । ओवैसी ने घोषित किया है कि हम, ‘एन.आय.ए.’ द्वारा बंदी बनाए गए इन सभी आतंकवादियों की सहायता करेंगे ।’ इस प्रकार ‘एम्.आय्.एम्’ के ओवैसी खुलेआम आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं । ऐसी प्रतिकूल परिस्थिति में हमने हिन्दुओं का प्रभावी संगठन खडा किया है । पहले तेलंगाना राज्य में गोमाता की हत्या खुलेआम होती थी । हमारा कार्य आरंभ होने पर बकरी ईद से पहले पुलिस प्रशासन सक्रिय होकर सीमा पर गस्त करना, गोतस्करों को नियंत्रण में लेना, जैसे कार्य करता है । यह हिन्दुओं के संगठन की शक्ति है । इतिहास हमें याद रखें, ऐसा हिन्दुत्व का कार्य करें’, यह आवाहन तेलंगाना के भाजपा विधायक श्री. टी. राजा सिंह ने किया । वे 4 जून को ‘हिन्दुत्व का कार्य करते समय हुआ विरोध और उसका प्रतिकार’ इस विषय पर श्री रामनाथ देवस्थान के श्री विद्याधिराज सभागृह में ‘अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ के सांतवें दिन के समापन सत्र में बोल रहे थे ।
वहीँ दूसरी ओर अधिवक्ता किरण बेट्टादापूर ने मंदिरों की लूट रोकने के लिए मंदिरों को शासन के नियंत्रण से मुक्त कराना आवश्यक पर अपना वक्तव्य दिया
‘मंदिर सरकारीकरण का विरोध’ विषय पर सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता किरण बेट्टादापूर ने कहा, ‘‘भारत तो स्वतंत्र हुआ; परंतु हिन्दुओं को धार्मिक स्वतंत्रता नहीं मिली । मंदिरों का सरकारीकरण और उसके माध्यम से होनेवाला भ्रष्टाचार, यह गंभीर विषय है । देश के साढेचार लाख मंदिर सरकार के नियंत्रण में है । उनमें कितने व्यापक मात्रा में भ्रष्टाचार होगा, इस बात की हम कल्पना भी नहीं कर सकते । कोयला घोटाला यदि 1 लाख 80 सहस्र करोड रुपयों का होगा, तो सरकार नियंत्रित मंदिरों में भ्रष्टाचार कितना गुना होगा ! केवल कर्नाटक राज्य का विचार करें, तो कर्नाटक सरकार 35 सहस्र मंदिरों से 10 सहस्र करोड रुपये इकट्ठा करती है; परंतु उसकी अधिकांश धनराशि चर्च, बाढपीडित जैसे हिन्दुओं से असंबद्ध विषयों पर खर्च की जाती है । गीता के ‘यदा यदा हि धर्मस्य…’ इस श्‍लोक से प्रेरणा लेकर हमें स्वयं धर्मकार्य आरंभ करना चाहिए ।’
इस अवसर पर इंदौर (मध्यप्रदेश) के अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के प्रदेश महामंत्री श्री. जितेंद्र सिंह ठाकुर, प्रतापगढ (उत्तरप्रदेश) के श्री. प्रतापसिंह ठाकुर, वाराणसी (उत्तरप्रदेश) के ‘इंडिया विथ विज्डम ग्रुप’ के संयोजक श्री. अनुराग पाण्डेय तथा हिन्दू महासभा के कार्यालय मंत्री श्री. वीरेश त्यागी ने भी विविध विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए ।
सुन्दर कुमार (प्रधान सम्पादक)

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