अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन आरंभ

रामनाथी (गोवा) – अयोध्या के श्रीराममंदिर की याचिका पर सुनवाई के विषय में सर्वोच्च न्यायालय समय व्यर्थ करने की भूमिका अपना रही है । ऐसे में भाजपा शासन को पिछले कार्यकाल में ही श्रीराममंदिर निर्माण के विषय में अध्यादेश लाना चाहिए था, यह हिन्दुओं की अपेक्षा थी । इस बार के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने श्रीराममंदिर निर्माण का आश्‍वासन दिया है । इसलिए अब जनता के विश्‍वास का सम्मान करते हुए सरकार की स्थापना होते ही वह श्रीराममंदिर निर्माण का आश्‍वासन पूरा करने के लिए प्रयत्न करे, यह अपेक्षा है । यह मांग हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी ने की है । भाजपा सरकार ने इलाहाबाद का नामकरण ‘प्रयागराज’ किया तथा कुंभमेला का समुचित आयोजन किया । यह एक अच्छा कार्य है; परंतु श्रीराममंदिर का निर्माण न होने के कारण हिन्दुओं के मन में ‘आश्‍वासन देकर विश्‍वासघात करने’ की भावना प्रबल हो सकती है, ऐसा भी उन्होंने कहा । 29 मई को श्री रामनाथ देवस्थान स्थित श्री विद्याधिराज सभागार में ‘अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’के उद्घाटन समारोह में वे बोल रहे थे ।
प्रारंभ में प.पू. भागीरथी महाराज, स्वामी श्रीरामज्ञानीदासजी महाराज, बंगाल के श्री सत्यानंद महापीठ के स्वामी आत्मस्वरूपानंदजी महाराज, सनातन संस्था के धर्मप्रसारक सद्गुरु नंदकुमार जाधव तथा सदगुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी के करकमलों से दीपप्रज्वलन किया गया । पू. नीलेश सिंगबाळजी ने अधिवेशन का उद्देश्य बताया । 29 मई से 4 जून की अवधि तक चलनेवाले इस 7-दिवसीय अधिवेशन के प्रथम दिवस पर भारत और बांग्लादेश से अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के 240 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे । हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता संजीव पुनाळेकरजी को डॉ. दाभोलकर हत्या प्रकरण में ‘सीबीआई’ ने अन्यायपूर्वक बंदी बनाया है । अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन ने इस कृत्य की निंदा की ।
श्रीराममंदिर का निर्माण न होने पर हिन्दू समाज देशव्यापी आंदोलन आरंभ करेगा ! – अधिवक्ता हरिशंकर जैन, अध्यक्ष, ‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’
श्रीराममंदिर हिन्दुओं के स्वाभिमान का विषय है । वर्ष 2014 में भाजपा ने श्रीराममंदिर निर्माण का आश्‍वासन दिया था; परंतु वह पूरा नहीं हुआ । प्रधानमंत्री श्री. मोदीजी को हिन्दुत्व का कार्य करने के लिए हिन्दुओं ने एक बार पुनः बहुमत से चुना है । इसलिए अब तो भाजपा शासन अध्यादेश निकालकर श्रीराममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे । मंदिर निर्माण नहीं हुआ, तो देश का हिन्दू समाज क्रुद्ध होगा और देशव्यापी आंदोलन आरंभ करेगा, ऐसी चेतावनी देहली स्थित ‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के अध्यक्ष अधिवक्ता हरिशंकर जैनजी ने अधिवेशन में दिया ।
वर्तमान न्यायव्यवस्था में न्याय नहीं है ! – राजेंद्र वर्मा, अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय
वर्तमान न्यायव्यवस्था में निर्णय मिलता है, न्याय नहीं मिलता ! न्यायालय में श्रीराममंदिर का प्रश्‍न हल नहीं होगा । उसके लिए हमें संविधान से आगे जाकर विचार करना होगा । इसके लिए जनआंदोलन और हिन्दुओं के बीच समन्वय की आवश्यकता है । आध्यात्मिक बल के आधार पर ही सामाजिक और राष्ट्रीय विकास होगा । अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण एक बडा षड्यंत्र है, यह विचार सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री. राजेंद्र वर्माजी ने ‘अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण से होनेवाली भारतीय संस्कृति की हानि’ इस विषय पर व्यक्त किया ।
इस समय ‘हिन्दू समाज अपना राज्य चलाने के लिए स्वयं में योग्यता और सामर्थ्य कैसे लाए’ इस विषय पर मार्गदर्शन करते हुए भोपाल (मध्य प्रदेश) के राजसूय हिन्दू विद्या केंद्र के प्रा. रामेश्‍वर मिश्रजी ने कहा, ‘‘जितनी देशभक्ति हिन्दुओं में है, उतनी विश्‍व के किसी अन्य में नहीं है; परंतु हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए इतना पर्याप्त नहीं है । इसके लिए आत्मबल की भी आवश्यकता है । सनातन शास्त्रानुसार कार्य करने पर ही हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होगी ।’’
इस समय हिन्दू जनजागृति समिति समर्थित ‘हिन्दू राष्ट्र : आक्षेप एवं खंडन’ इस हिन्दी भाषिक, ‘लोकतंत्र में फैली दुष्प्रवृत्तियों के विरुद्ध प्रत्यक्ष कृत्य’ इस कन्नड भाषिक, ‘स्थान की उपलब्धता के अनुसार औषधीय वनस्पतियों का रोपण’, इस कन्नड भाषिक, ‘औषधीय वनस्पतियों का रोपण कैसे करें ?’ इस कन्नड भाषिक, तथा सनातन के ‘मुंडू (लुंगी समान वस्त्र) की अपेक्षा धोती श्रेष्ठ होने का अध्यात्मशास्त्रीय आधार’, इस तमिल ग्रंथ का लोकार्पण किया गया । दीपप्रज्वलन के उपरांत सनातन पुरोहित पाठशाला के पुरोहितों ने वेदमंत्रों का पाठ किया । अधिवेशन हेतु कांची कामकोटी पीठाधीश्‍वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वतीजी ने आशीर्वाद पत्र दिया, जिसका वाचन सनातन संस्था के धर्मप्रसारक पू. अशोक पात्रीकरजी ने किया तथा सनातन संस्था के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी के संदेश का वाचन सनातन संस्था के धर्मप्रसारक सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी ने किया । अधिवेशन का सूत्रसंचालन हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. सुमित सागवेकर ने किया ।

सुन्दर कुमार (प्रधान सम्पादक)

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