आपका जीवन ओर ज्योतिष का लाभ

आपका जीवन ओर ज्योतिष का लाभ

समय अपनी गति से चल रहा है, समय किसी भी प्राणी के साथ भेदभाव नहीं करता है । किन्तु सवेरे का सूर्योदय होते ही हर प्राणी के सामने भिन्न भिन्न परिस्थितियाँ होती है । एसे ही आकाश में ग्रहों का विचरण समय कि एक निश्चित गति के साथ होता रहता है , किन्तु उन ग्रहों का प्रभाव भी सभी प्राणीयों के लिये भिन्न भिन्न होता है । आपके मन में जिज्ञासा उत्पन्न होगी कि एसा क्यों होता है ? जीवन का हर एक क्षण हर प्राणी के लिये अलग अलग क्यों होता है ? इस प्रश्न का जवाब केवल एक ही शब्द में छुपा हुआ है । वो है कर्म ।
हमारे किये हुये अनेक जन्मों के कर्म हमें उसी प्रकार आकर पकड लेते है जैसे लाखों गायों में एक बछडा अपनी माँ को पहचान लेता है ।
कर्मों कि गति बडी गहन है इसीलिये कर्म करते समय सावधान रहना चाहिये । अब फिर से सभी के मन में एक ओर प्रश्न उठता है कि पिछले जन्मों मे हमने कौन कौन से कर्म किये और उन किये हुये कर्मों से क्या फल उत्पन्न होने वाला है ?
ये भगवान कि बहुत बडी कृपा है कि उन्होने एसे जटिल प्रश्नों के समाधान के लिये ज्योतिष शास्त्र को पृथ्वी पर सुलभ होने दिया ।
पूर्व जन्मार्जितम् पापम् व्याधि रूपेण जायते ।
पूर्व जन्मार्जितम् पुण्यम् भाग्य रूपेण जायते ।। अर्थात पूर्व जन्मों में किये हुये कर्मों से ही हमारा भाग्य ओर दुर्भाग्य बनता है ।
मानव सुख प्राप्ती के लिये अनेक प्रयत्न करता है किन्तु अपने संचित पापों के कारण बहुत बार दुःखों के जाल में फस जाता है ।
मित्रों ज्योतिष का लाभ यही है कि मनुष्य अपने पूर्व जन्म में किये हुये कर्मों को जानकर समुचित उपाय करें । अब आप कहेंगे कि उपाय करने से क्या होगा ? मैं आपको बता देता हुँ कि लोहे को लोहा ही काट सकता है उसी प्रकार पाप कर्मों को काटने कि शक्ति पुण्य कर्मों में है । मान लिजिये
किसी कि कुण्डली में गुरू चाण्डाल योग है तो एसे व्यक्ति को जीवन में धन,पुत्र, विवाह, विद्यादि सम्बन्धी अनेक कष्ट झेलने होंगे । गुरू चाण्डाल योग पूर्व जन्म में किसी ब्राह्मण या गुरू के अपमान करने से बनता है । एसे व्यक्ति को चाहिये कि वर्तमान जन्म अपने गुरू का आदर करे,
ब्राह्मणों को यथा शक्ति दान दे , ऐसा करने से उस व्यक्ति के पूर्व जन्म के पाप का नाश होगा ओर उसे शुभ फल मिलने लगेंगे । इतिहास मे ऐसे कई उदाहरण है जिन्होने यज्ञादि अनुष्ठानों से अपनि किस्मत को बदला है ।
राजा दशरथ जी ने पुत्र कामेष्टी यज्ञ से चार तेजस्वी पुत्र प्राप्त किये ।
सावित्रि ने तप के बल पर अपने पति के प्राण बचाये ।
यह 100% सच है कि कर्म से भाग्य बदलता है, लेकिन कर्म सही दिशा में होना चाहिये, आपका पेट दर्द कर रहा है ओर आप दवा ले रहे हो बुखार कि, तो कहाँ से लाभ होगा । ज्योतिष के उपाय कर्म ही है, ओर कर्म का फल 100% मिलता है ।
करम प्रधान विश्व रचि राखा । जो जसु करहि तसु फल चाखा ।।
शालिनी शर्मा ( ज्योतिषविद )
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मिस्टिक पावर (dharmik news) एक प्रयास है धार्मिक पत्रकारिता(religious stories) में ,जिसे आगे अनेक लक्ष्य प्राप्त करने हैं सर्वप्रथम पत्रिका फिर वेब न्यूज़ और अगला लक्ष्य सेटेलाइट चैनेल ............जिसके द्वारा सनातन संस्कृति(hindu dharm,sanatan dharma) का प्रसार किया जा सके और देश विदेश के सभी विद्वानों को एक मंच दिए जा सके | राष्ट्रीय और धार्मिक समस्याओं(hindu facts,hindu mythology) का विश्लेषण और उपाय करने का एक समग्र प्रयास किया जा सके |

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