जानिए वास्तु दोष और कर्ज का सम्बन्ध

जानिए वास्तु दोष और कर्ज का सम्बन्ध

कई बार परिस्थितियों के आगे मजबूर होकर व्यक्ति को कर्ज लेने की नौबत आ जाती है और फिर कर्ज खत्म होने का नाम नहीं लेते। इसका कारण वास्तु दोष भी हो सकता है। एक कर्ज उतरा नहीं कि दूसरा लेने की नौबत आ जाए और इस स्थिति से छुटकारा न मिल रहा हो तो वास्तु से जुड़े तथ्यों पर ध्यान दें । इससे भी कर्ज से छुटकारा मिल सकता है। न चाहते भी कर्ज खत्म होने का नाम नहीं लेता। जिंदगी में ऐसे कई उत्तर चढ़ाव आते है जिसमे उलझकर व्यक्ति अपने घुटने टेक देता है। उन परिस्थितियों से निकलने के लिए वह कर्जन का सहारा लेता है और उस कर्ज में इतना डूब जाता है की उसमे से निकल पाना मुश्किल हो जाता है। कई बार व्यक्ति कर्ज के चलते अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर लेते है। लेकिन वे इस स्थिति का पता नहीं लगते की यह सब किन कारणों के चलते हुआ। इसका कारण वास्तु दोष भी है।

इस सबका कारण आपकी वास्तु दोष संबंधी आदत हैं जो आपको कर्ज़ से मुक्त करने मे रुकावट बनी हुई हैं । इसलिए में आज आपको गरीबी एवं कर्ज से बचने के लिए कुछ आसान वास्तु उपाय बता रहे हैं –

-दो उचे भवनों घिरा हुआ भवन या भारी भवनों के बीच दबा हुआ भवन भूखण्ड खरीदने से बचें क्योंकि दबा हुआ भवन भूखंड गरीबी एवं कर्ज का सूचक है।

-दक्षिण-पश्चिम के कोने में पीतल या ताँबे का घड़ा लगा दें।

-उत्तर या पूर्व की दीवार पर उत्तर-पूर्व की ओर लगे दर्पण लाभदायक होते हैं।

-दर्पण के फ्रेम पर या दर्पण के पीछे लाल, सिंदूरी या मैरून कलर नहीं होना चाहिए।

-दर्पण जितना हलका तथा बड़े आकार का होगा, उतना ही लाभदायक होगा, व्यापार तेजी से चल पड़ेगा तथा कर्ज खत्म हो जाएगा। दक्षिण तथा पश्चिम की दीवार के दर्पण हानिकारक होते है।

-उत्तर-पूर्व का तल कम से कम 2 से 3 फीट तक गहरा करवा दें ।

-उत्तर या पूर्व की दीवार पर उत्तर-पूर्व की ओर लगे दर्पण लाभदायक होते हैं। दक्षिण और पश्चिम की दीवार के दर्पण हानिकारक होते हैं।

दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण दिशा में भूमिगत टैंक, कुआँ या नल होने पर घर में दरिद्रता का वास होता है।

– अगर आपने किसी से किस्त पे रुपये लिये हैं तो आपको हमेशा कर्ज़ की पहली किस्त मंगलवार को चुकाना चाहिए । अगर ऐसा आप करेंगे तो आप कर्ज से बहुत जल्द मुक्त हो सकते हैं ।

-अगर आप के घर या दुकान मे काँच लगा हुआ है या लगाना चाहते हैं तो ध्यान रहें की काँच हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा मे हो| ऐसा करने से ये लाभप्रद साबित होता हैं और कर्ज़ से भी छुटकारा मिलता हैं ।

– अगर आप घर बनाना चाह रहे हैं या बना रहे हैं तो ध्यान रहें की घर मे बाथरूम दक्षिण-पश्चिम हिस्से मे नही होना चाहिए| अगर इस दिशा मे बाथरूम बनाए तो आप कर्ज़ मे ओर डूब सकते हैं| लेकिन आपने घर बना लिया हैं और बाथरूम की दिशा दक्षिण-पश्चिम मे हैं तो बाथरूम मे एक नमक का कटोरा रखें, इससे वास्तु दोष कम होता हैं ।

-अगर आपके घर मे कांच का फ्रेम हो तो ध्यान रहे की वो लाल या सिंदूरी रंग का ना हो| और अगर कांच हल्का तथा बड़े आकर का हो तो ये आपके लिए उतना ही फ़ायदेमंद होगा ।

-घर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में टॉइलट कभी ना बनवाएं। ऐसा होने पर व्यक्ति पर कर्ज का बोझ बढ़ता ही जाता है ।

-सभी के घर मे या दुकानों मे पानी पीने की व्यवस्था तो होती हैं, लेकिन हमें ये नही पता होता हैं की हम अपने घर मे पानी की व्यवस्था किस दिशा मे रखें, जिस कारण-वश हम कर्ज़ मे डूबते जाते हैं । इसलिए अगर आपके घर या दुकान मे पानी की व्यवस्था हैं तो उसकी रखने की दिशा उत्तर की और कर दें| तो इससे कर्ज़ से छुटकारा पाने मे मदद  मिलेगी क्योंकि ये कर्ज़ से मुक्त दिलाने मे लाभ दायक होता हैं ।

-अगर आपके घर या दुकान मे सीढ़ियाँ हैं और वो पश्चिम दिशा की और हैं या पश्चिम दिशा की तरफ से नीचे की और आती हैं तो आप कर्ज़ मे डूब सकते हैं या कर्ज़ मुक्ति से परेशान हो सकते हैं । इसके लिए आप अपने घर या दुकान के सीढ़ियों के नीचे क्रिस्टल को लटका दें । इससे आप कर्ज़ से मुक्त हो सकते हैं ।

– हम हमेशा से अपने किचन को सजाने मे कोई भी कसर नही छोड़ते हैं । उसको अच्छा करने के लिए क्या-क्या नही करते हैं हम । लेकिन हम आपको एक बात बताते हैं जो आप ना करें तो आप कर्ज़ से मुक्त हो सकते हैं और आपकी परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी हो सकती हैं । इसके लिए आप अपने किचन मे नीले रंग का उपयोग ना करें क्योंकि इससे आपके घर की आर्थिक स्थिति तो खराब होती ही हैं साथ-साथ परिवार के सदस्यों का स्वस्थ भी खराब हो सकता हैं ।

-उत्तर दिशा की ओर ढलान जितनी अधिक होगी संपत्ति में उतनी ही वृद्धि होगी।

-यदि कर्ज से अत्यधिक परेशान हैं तो ढलान ईशान दिशा की ओर करा दें, कर्ज से मुक्ति मिलेगी।

-पूर्व तथा उत्तर दिशा में भूलकर भी भारी वस्तु न रखें अन्यथा कर्ज, हानि व घाटे का सामना करना पड़ेगा।

-भवन के मध्य भाग में अंडर ग्राउन्ड टैंक या बेसटैंक न बनवाएँ ।

-उत्तर व दक्षिण की दीवार बिलकुल सीधी बनवाएँ ।

-उत्तर की दीवार हलकी नीची होनी चाहिए ।

-कोई भी कोना कटा हुआ न हो, न ही कम होना चाहिए। गलत दीवार से धन का अभाव हो जाता है ।

-यदि कर्ज अधिक है और परेशान हैं तो ईशान कोण को 90 डिग्री से कम कर दें ।

-उत्तर-पूर्व भाग में भूमिगत टैंक या टंकी बनवा दें। टंकी की लम्बाई, चौड़ाई व गहराई के अनुरूप आय बढ़ेगी ।

– अपने घर या दुकान मे देवी लक्ष्मी तथा भगवान कुबेर की प्रतिमा उत्तर दिशा मे स्थापित करें और नियमित रूप से माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करें । ऐसा करने से आपकी सारी उधारी और कर्ज़ समाप्त हो जाएँगे ।

-मकान का मध्य भाग थोड़ा ऊँचा रखें। इसे नीचा रखने से बिखराव पैदा होगा।

– यदि उत्तर दिशा में ऊँची दीवार बनी है तो उसे छोटा करके दक्षिण में ऊँची दीवार बना दें

 

यदि आप उपरोक्त सभी उपाय किसी योग्य एवं अनुभवी वास्तुशास्त्री के दिशा निर्देश में  करेंगे तो आप हमेशा कर्ज़ से मुक्त हो सकते है ।

शुभम भवतु || कल्याण हो ||

 

पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री, ( ज्योतिष-वास्तु सलाहकार )

राष्ट्रीय  महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्

 

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