जानिये इल्युमिनाटी से रेनाल्ड परिवार का सम्बन्ध

जानिये इल्युमिनाटी से रेनाल्ड परिवार का सम्बन्ध

यद्यपि ये परिवार इल्युमिनाटी के मुख्य 13परिवारों में से नहीं है तथापि इसका इल्युमिनाटी संगठन में महत्त्वूपर्ण स्थान है। इस परिवार का राथचाइल्ड, दूपोण्ट और रॉकफेलर आदि परिवार से गहरा अन्त:सम्बन्ध है। इसका उदाहरण है कि त्रिकोणीय शोध परिषद् में ड्यूक् और कल्मन परिवारों के साथ इनका विशेष सम्बन्ध है। रेनाल्ड परिवार का दक्षिणी अमेरीका में विशेष प्रभाव है तथा अमेरीका के मुख्य धनिकों में से एक है।

पोर्टलेण्ड की मेरी डी रेनाल्ड एक ऐसी महिला थी जिसने इल्युमिनाटी के दासत्व से मुक्ति हेतु इच्छा प्रस्तुत की उस महिला के साथ क्या हुआ होगा सोचने की आवश्यकता नहीं है।

इस रेनाल्ड परिवार के कुछ लोगों ने तन्त्र एवं कालेजादू पर कुछ पुस्तकें लिखी थी। एक अमेरीकी बेप्टिस्ट था फ्रेंक ई रेनाल्ड उसने बैंकाक, थाईलेण्ड के मन्त्रियों से सम्पर्क बनाया क्योंकि वह चाहता था कि अमेरीका के लोगों केा बुद्ध विचारधारा पढाई जाय इसलिये उसने व उसकी पत्नी ने कई पुस्तकें लिखीं। यहाँ ये जानना जरूरी है कि रेनाल्ड परिवार में अधिकतर एकपिस्कोप्लेनी थे इसका तात्पर्य होता है राज्य में चर्च का शासन। अत: वहाँ एक शाखा है जो एपिस्कोप्लेनी चर्च के अनुयायी हैं ये फ्रीमेसन समूह द्वारा चलाया जाता है। तथा इन्होंने अपनी सारी गतिविधियाँ तान्त्रिक रूप में कर रखी हैं। यहाँ ये लोग अपनी तान्त्रिक सिद्धियों के लिये नरबलि जैसी गतिविधियाँ भी करते हैं।

इस परिवार का अत्यधिक धन कुछ कम्पनियों,और उद्योग धन्धों के रूप में हमें दिखार्इ् देता है। वास्तव में ये परिवार विश्व में नशीले पदार्थों के असंवैधानिक व्यापार में संलिप्त है। इसका एक बहुत बड़ा व्यापारीक घटक है मृत्यु के बाद की परम्पराओं से सम्बन्धित सामग्री का, जिसकी आड़ में ही ये लोग समय समय पर नरबलि का काम भी करते हैं। इनका कल्मन और ड्यूक परिवारों के साथ कई व्यापारिक साझेदारियाँ हैं।

इसमें कतर्इ् सन्देह नहीं है कि इन परिवारों ने अपने वंश वृक्ष का एक विशेष प्रकार से सुरक्षित रखा है, तथा इनके द्वारा बनाये गये सभी व्यापारिक संगठनों पर इल्युमिनाटी की पैनी दृष्टि बनी रहती है। अपने विचारों से परिचित करवाने हेतु इन्होंने कामिक्स लिखने प्रारम्भ किये इनके अपने सिनेमाहॉल हैं जिनमें ये बच्चों को बड़े सरल तरीके से तन्त्र तथा तान्त्रिकों के बारे में मानसिक स्तर पर परिचय देते हुये उनके इस दुनिया में होने के लिये अभ्यास करवाते हैं। ये सभी बातें हमारी पुस्तकों तक में डाल दी जाती है।

यहाँ मैं एक व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर उदाहरण देना चाहूँगा जब मैं छठी कक्षा में था तो भूगोल के अन्तर्गत पढ़ाया जाता था कि विश्व में सबसे बड़ी माँस मण्डी शिकागों अमेरीका में है। तब बचपन में ही ये भाव आया कि माँस मण्डी यदि वहाँ है तो भारत में भी कोई ऐसी बड़ी मण्डी अथवा नहीं तो माँस मण्डी ही होनी चाहिये तब 10 वर्ष की आयु में क्या सोच सकते हैं यही कि जो कुछ बड़ा है वो हमारे भारत में होना चाहिये किन्तु तब न तो ये सोच थी कि ये माँसमण्डी हमारे यहाँ नहीं होनी चाहिये। बस सबसे बड़ा सबसे श्रेष्ठ भारत में होना चाहिये। आज हम देखते हैं कि भारत में इतने पशु कटते हैं कि आने वाले दिनों में भारत विश्व की सबसे बड़ी माँस मण्डी बन जायेगा यानिद 31 वर्ष पूर्व हमारे भूगोल के पाठ्यक्रम में ऐसी बातें डाल दी जो हम आज स्वीकार न भी करें तो उसका विरोध नहीं करेंगे कि पहले ये अमेरीका में थी अब भारत में हो गई तो क्या हुआ ऐसे ये संगठन अपने सारे विचारों को एक संगठनात्मक रूप से 50 से 100 वर्षआगे तक की सोच कर हमारे जैसे सरल और जियो जिने दो की सोच वालों के साथ धोखा करते हैं। इस प्रकार हम हमारी संस्कृति सभ्यता, मूल्यों,आदर्शों से नित्य प्रति परे होते जाते हैं।

हमने स्वीकार कर लिया कि हमारे देश पिंकरिवोल्युशन होता हैं तो कोई उसका विरोध करने वाला नहीं है। क्योंकि इस समय जो विरोध करने की क्षमता रखता है उसको तो बाल्यकाल से इस आने वाली स्थिति से परिचित करवा दिया था।

इल्युमिनाटी के पास विश्व की कई एल्यूमिनियम की कम्पनियाँ है और यूरोप वअमेरीका की कई कम्पनियों पर वो दृष्टि रखती है। मेलोन परिवार रेनाल्ड के साथ इन एल्युमिनियम की कम्पनीयों का सम्भालाता है। तथा इनके संयुक्त परिषद् में इल्युमिनाटी के कई अन्य परिवारों के सदस्य भी सम्मिलित हैं।

तम्बाकू एवं नशीले पदार्थों के साथ रेनाल्ड का सम्बन्ध

अन्तराष्ट्रिय व्यापारिक विपणन में रेनाल्ड के साथ आस्टर, ग्रे, ली, तथा ओनसिस परिवार भी सम्मिलित हैं और ये लोग पूरी तरह से अवैधानिक तरीके से विश्व में नशीले पदार्थों का व्यापार करते है। उसी से प्राप्त धन का दुरुपयोग करते हैं।

आप सभी जानते होंगे कि पिछले लगभग चार दशकों से अफगानिस्तान विश्व के विभिन्न देशों द्वारा शोषित होता आया पहले रूस ने फिर अमेरीका ने यहाँ अपनी सेनाएँ रखीं। वास्तव में ये दोनों ही देश वहाँ पर उपजने वाले अफिम की खेती के कारण थे। अफगानिस्तान में विश्व की सर्वाधिक अफिम की पैदावार होती हैं ऐसे में यूरोप और अमेरीका के ड्रग माफियाओं ने वहाँ सरकारों की आड़ में राज किया तथा विश्व को नशे के अन्धे कूएँ में धकेला और निर्धनों के रक्त की कमाई को लूटा।

अपने इस कुकर्म को सही दिखानेके लिये इनसे सम्बन्धित हालीबुड में फिल्में भी बनीं जिसमें दिखया गया कि कैसे अमेरीका रूस को बाहर निकालता है तथा वहाँ सुव्यवस्था हेतु अपनी सेनाएँ भेजता है। किन्तु वहाँ सुव्यवस्था तो आज तक नहीं हुई। अपितु जब भारत का विमान अपहरण हुआ उस समय अमेरीकी कमाण्डों की एक टुकड़ी कन्धार हवाईअड्डे से मात्र 35 किमी की दूरी पर थी किन्तु अमेरीका ने सहायता करने से मना कर दिया।

ब्रिटिश राजतन्त्र ने चीन में साम्यवादी सरकार से पूर्व वहाँ की सत्ता पर अफिम के व्यापार के लिये दबाव बनाया और इसके लिये उसने अपनी शाही सेना व अन्य प्रकार की शक्ति का प्रयोग करने की चेतावनी भी दी थी। वहाँ ब्रिटिश अमेरीकन तम्बाकू कम्पनी की आड़ में अवैधानिक रूप से अफिम की गोरख धन्धा होता था जोकि कुछ समयोंपरान्त चीन की इल्युमिनाटी ली परिवार ने उसे अपने हाथों में ले लिया तथा वहाँ वह रीपब्लिक आॅफ चाइना तम्बाकू ब्योरो के नाम से काम चलता था, तथा उसकी आड़ में ली ज्यानेन इसका प्रधान गुण्डा बना हुआ था।ये व्यक्ति एक तान्त्रिक यू परिवार से था। ये परिवार इस बात को लेकर गौरान्वित था कि वे एक प्राचीन असुरोपासना करने वाले परिवार से है। अध्यक्ष ली जिसे नशीले पदार्थों का मसीहा भीकहा जाता था। वह 1957 से1975 तक चीन का वित्त मन्त्री भी रहा था। उसने यूरोप व पश्चिमी देशों में बहुत मात्रा में अफिम बेची और चीनका बहुत सारा ऋण पूरा किया । इसी लिये उसका एक उपनाम धन का देवता पड़ गया था। आर.जे. रेनाल्ड भी लम्बे समय से इस कम्पनी से जुड़ा हुआ था और अफिम का असंवैधानिक व्यापार में लिप्त था। इस प्रकार इन संगठनों ने एक व्यवस्थित तरीके से कई तम्बाकू बनाने वाली कम्पनियों को और1911 तक विश्व की कई बड़ी तम्बाकू उत्पादन की कम्पनियाँ इस संगठन ने अपने नाम कर ली थी चाहे वो डराकर हेा चाहे वो खरीदकर हों परन्तु इसमें असंख्या हत्याएँ हुईं और सारा अधिकार अनधिकृत रूप से किया गया।

इस काम ड्रयूक् परिवार सम्मिलित थे और इनके ड्रेक्सल्स परिवार के साथ वैवाहिक सम्ब्न्ध स्थापित किये गये थे।

स्थापना और सम्बन्ध

ये ड्यूक् और रेनाल्ड परिवार कई ऐसे संगठन चलाते हैं जो कि वास्तव में कर मुक्त हैं। और इसी प्रकार के कार्यों के आड़ में वे अपने पैसे को छुपाते हैं। धन बचानेके ये तरीके अन्य इल्युमिनाटी परिवार भी अपनाते हैं।

मेने कल कैप्टन अमेरीका फिल्म देखी उसमें स्पष्ट रूप से बताया कि कैसे ये लोग एक ही सरकार की स्थापना करना चाहते हैं। और उसके लिये ये क्या क्या नहीं करते और उसमें तो ये लो दिखाते हैं कि ऐसे विश्व पर राज करने की इच्छा वाले को कैसे परास्त किया गया। किन्त् ये दिखावा मात्र है वस्तुत: हमारे अचेतन मन में इस प्रकार की सम्भावना कोस्वीकारने के लिये तैयार करना ही इसका उद्देश्य है। जो कि अत्यधिक घातक है। इस पुरे कृत्य में कई इसाई संगठन सम्मलित हैं यथा इसाई नियमानुसार नामकरण करने वाला सम्प्रदाय  

डॉ.दिलीप कुमार नाथाणी

 

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