ज्योतिष से जाने चरित्र

ज्योतिष की माने तो सितारें ये बता सकते है कि किसका कैरेक्टर ठीक नहीं है? ज्योतिष के अनुसार लड़के-लड़कियों की कुंडली में मंगल, शुक्र और चंद्र की स्थिति ये बताती है कि किसका कैरेक्टर कैसा है।

  • अगर किसी लड़की की कुंडली में कन्या राशि के साथ मंगल होता है तो ऐसी लड़कियों का चरित्र संदेह के घेरे में होता है।
  • किसी भी कुंडली में शुक्र और मंगल एक राशि नहीं होने चाहिए, अगर ऐसा होता है तो लड़का या लड़की कोई भी हो उसके एक से अधिक प्रेम संबंध होते हैं।
  • किसी लड़की की कुंडली के पहले भाव में जो राशि (नंबर) हो उस राशि का स्वामी पाप ग्रहों के साथ मिल कर बारहवें भाव में होता है तो ऐसी लड़की का कैरेक्टर ढीला होता है।
  • कुंडली के पहले घर में कन्या राशि (6 नंबर) के साथ मंगल हो और सातवें घर में शुक्र हो तो ऐसी लड़कियों के एक से अधिक संबंध होते हैं।
  • जिन लड़कों की कुंडली में चंद्र और शुक्र एक ही राशि में होते हैं वो लड़के लव, सेक्स और धोखे में विश्वास करते हैं।
  • सातवें घर में अशुभ गृह की उपस्थिति यह बताने में सक्षम है कि विवाह के पहले ही दोनों में से एक धोखा कर दे अथवा शादी से इंकार कर दे ! पहले घर में बैठा अशुभ ग्रह यह तो बता ही देता है कि धोखा सव्यम् खुद आप ही ऐसा जातक अपने प्रेमी या प्रेमिका को दे देता है |
  • राहु के प्रभाव स्वरूप  कोई भी व्यक्ति अपने शरीर के अंदर किसी भी प्रकार की गंदगी पाले रखता है तो उसके ऊपर काली छाया मंडराने लगती है अर्थात राहु के फेर में व्यक्ति के साथ अचानक होने वाली घटनाएँ बढ़ जाती है। घटना-दुर्घटनाएँ, होनी-अनहोनी और कल्पना-विचार की जगह भय और कुविचार जगह बना लेते हैं।
  • राहु के फेर में आया व्यक्ति बेईमान या धोखेबाज होगा। राहु ऐसे व्यक्ति की तरक्की रोक देता है। राहु का खराब होना अर्थात् दिमाग की खराबियाँ होंगी, व्यर्थ के दुश्मन पैदा होंगे, सिर में चोट लग सकती है। व्यक्ति मद्यपान या संभोग में ज्यादा रत रह सकता है। राहु के खराब होने से गुरु भी साथ छोड़ देता है।
  • केतु के प्रभाव स्वरूप कोई भी व्यक्ति जुबान और दिल से गंदा है और रात होते ही जो रंग बदल देता है वह केतु का शिकार बन जाता है। यदि व्यक्ति किसी के साथ धोखा, फरेब, अत्याचार करता है तो केतु उसके पैरों से ऊपर चढ़ने लगता है और ऐसे व्यक्ति के जीवन की सारी गतिविधियाँ रुकने लगती है। नौकरी, धंधा, खाना और पीना सभी बंद होने लगता है। ऐसा व्यक्ति सड़क पर या जेल में सोता है घर पर नहीं। उसकी रात की नींद हराम रहती है, लेकिन दिन में सोकर वह सभी जीवन समर्थक कार्यों से दूर होता जाता है।
  • हिन्दू ज्योतिष में केतु अच्छी व बुरी आध्यात्मिकता एवं पराप्राकृतिक प्रभावों का कार्मिक संग्रह का द्योतक है। केतु विष्णु के मत्स्य अवतार से संबंधित है। केतु, भौतिकीकरण के शोधन के आध्यात्मिक प्रक्रिया का प्रतीक है और हानिकर और लाभदायक, दोनों ही माना जाता है, क्योंकि ये जहां एक ओर दु:ख एवं हानि देता है, वहीं दूसरी ओर एक व्यक्ति को देवता तक बना सकता है। यह व्यक्ति को आध्यात्मिकता की ओर मोडऩे के लिये भौतिक हानि तक करा सकता है। यह ग्रह तर्क, बुद्धि, ज्ञान, वैराग्य, कल्पना, अंतर्दृष्टि, मर्मज्ञता, विक्षोभ और अन्य मानसिक गुणों का कारक है।

माना जाता है कि केतु, अपने भक्त के परिवार को समृद्धि दिलाता है, सर्पदंश या अन्य रोगों के प्रभाव से हुए विष के प्रभाव से मुक्ति दिलाता है। ये अपने भक्तों को अच्छा स्वास्थ्य, धन-संपदा व पशु-संपदा दिलाता है। मनुष्य के शरीर में केतु अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष गणनाओं के लिए केतु को तटस्थ अथवा नपुंसक ग्रह मानते हैं। केतु स्वभाव से मंगल की भांति ही एक क्रूर ग्रह है तथा मंगल के प्रतिनिधित्व में आने वाले कई क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व केतु भी करता है। यह ग्रह तीन नक्षत्रों का स्वामी है अश्विनी, मघा एवं मूल नक्षत्र। यही केतु जन्म कुण्डली में राहु के साथ मिलकर कालसर्प योग की स्थिति बनाता है। केतु को सूर्य व चंद्र का शत्रु कहा गया हैं। केतु, मंगल ग्रह की तरह प्रभाव डालता है। केतु वृश्चिक व धनु राशि में उच्च का और वृष व मिथुन में नीच का होता है।

पण्डित दयानन्द शास्त्री 

उज्जैन

Mysticpowernews

मिस्टिक पावर (dharmik news) एक प्रयास है धार्मिक पत्रकारिता(religious stories) में ,जिसे आगे अनेक लक्ष्य प्राप्त करने हैं सर्वप्रथम पत्रिका फिर वेब न्यूज़ और अगला लक्ष्य सेटेलाइट चैनेल ............जिसके द्वारा सनातन संस्कृति(hindu dharm,sanatan dharma) का प्रसार किया जा सके और देश विदेश के सभी विद्वानों को एक मंच दिए जा सके | राष्ट्रीय और धार्मिक समस्याओं(hindu facts,hindu mythology) का विश्लेषण और उपाय करने का एक समग्र प्रयास किया जा सके |

Mysticpowernews has 574 posts and counting. See all posts by Mysticpowernews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *