नारी बनाम योगिनी

संदीप क्रिया अभ्यासी (योग साधक)

विश्व के समस्त दुखो, कष्टों का एकमात्र कारण यही है की मानव सृष्टि ने नारी का सम्पूर्णता से आदर ही नहीं किया और ना ही उसके अस्तित्व को कभी पूरी
तरह से समझने की कोशिश करी। वह नारी को भोग्या, विलास की वस्तु, जीते जाने की शील्ड मानकर मनमाना व्यवहार करता रहा। इसलिए सृष्टि मे भयानक असन्तुलन आ चुका है। यदि संसार मे कभी शांति और संतुलन पूरी तरह से स्थापित हो सका तो उसका श्रेय नारी को ही जाएगा। हर नारी मे एक योगिनी वास करती है किस प्रकार से वो परिवार और समाज के साथ तालमेल और योग सिद्ध करती है। ये विश्व के लिए एक प्रकार की प्रभु देन ही तो है। अगर हम सम्पूर्ण नारी जाति को सुरक्षा और सम्मान दे, उनके स्वस्थ और सुरक्षित जीवन को अपना धर्म समझें। तो इस पुरे विश्व मे जो चमक आएगी उससे पूरा ब्राह्मण जगमगा उठेगा। हमें नारी सुरक्षा शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जल्द से जल्द मजबूत फैसले लेन होंगे।

कथ्य है- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता

हमारी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को भी हमें ज़रूर सराहना चाहिए।

भारत सरकार ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से देश में महिलाओं को राजनैतिक, आर्थिक तथा सामाजिक विकास में बराबर भागीदारी के अवसर प्रदान करने के प्रमुख उद्देश्य को लेकर राष्ट्रिय महिला उत्थान नीति 2001 में घोषित की गयी थी।

सभी निर्णायक निकायों में निर्णय प्रक्रिया में नारी सहभागिता को सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान कानून में संशोधन द्वारा नारी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील तथा घरेलू हिंसा या वैयक्तिक आक्रमण की रोकथाम के लिए नए कानूनों का निर्माण एवं अपराधियों के लिए उचित दण्ड की व्यवस्था की गयी है।

गांवों एवं शहरों की आवास नीतियों एवं योजनाओं में महिला परिप्रेक्ष्य को सम्मिलित किया गया है। महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के लिए समुदाय धार्मिक नेताओं एवं पणधारियों की पुरम भागीदारी एवं फल पर विवाह, तलाक, अनुक्षण तथा अभिभावकता जैसे व्यक्तिक कानूनों में परिवर्तन किया गया है।

महिलाओं के शिक्षा स्तर को बढ़ाने एवं अनुकूल शिक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए विशेष नियम लागू किये गए हैं। महिला स्वास्थ्य पोषाहार, बालिका विवाह एवं विवाह के पंजीकरण को अनिवार्य बनाया गया है। महिलाओं को पुरुषों के समान संपत्ति में अधिकार दिलाने के लिए उससे संबंधित कानूनों में परिवर्तन किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण एवं बहाली कार्यक्रमों में महिलों को सम्मिलित किया गया है। गरीब महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता हेतु कार्यक्रम चलाए गए हैं। उत्पादन में उपभोग के लिए ऋण सहायता तथा सामाजिक आर्थिक विकास में उत्पादकों एवं कार्यकर्ताओं के रूप में महिलाओं के योगदान को मान्यता दी गई है। सभी केंद्रीय तथा राज्य मंत्रालय केंरीयाराज्य महिला एवं बाल विकास विभागों तथा राष्ट्रियारस्य महिला आयोगों के साथ परामर्श की प्रतिभागी प्रक्रिया द्वारा नीति को ठोस कार्यवाही में बदलने की योजना तैयार की जाएगी।
भारतीय समाज में सच में महिला सशक्तिकरण लाने के लिए महिलाओं के विरुद्ध बुरी प्रथाओं के मुख्य कारणों को समझना और उन्हें हटाना होगा जो समाज की पितृसत्तामक और पुरुष युक्त व्यवस्था है। यह बहुत आवश्यक है कि हम महिलाओं के विरुद्ध अपनी पुरानी सोच को बदलें और संवैधानिक तथा कानूनी प्रावधानों में भी बदलाव लाये।

सम्पूर्ण विश्व की मेरी बहनो और माताओ को मेरा सत सत प्रणाम

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मिस्टिक पावर (dharmik news) एक प्रयास है धार्मिक पत्रकारिता(religious stories) में ,जिसे आगे अनेक लक्ष्य प्राप्त करने हैं सर्वप्रथम पत्रिका फिर वेब न्यूज़ और अगला लक्ष्य सेटेलाइट चैनेल ............जिसके द्वारा सनातन संस्कृति(hindu dharm,sanatan dharma) का प्रसार किया जा सके और देश विदेश के सभी विद्वानों को एक मंच दिए जा सके | राष्ट्रीय और धार्मिक समस्याओं(hindu facts,hindu mythology) का विश्लेषण और उपाय करने का एक समग्र प्रयास किया जा सके |

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