हिन्दू धर्म पर ‘बॉलीवुड’ का षड्यंत्र !

सुन्दर कुमार (संपादक)-
‘पीके’ समान फिल्में अथवा ‘पाताललोक’ जैसी वेबसिरीज के माध्यम से हिन्दू धर्म पर सुनियोजित ढंग से आघात करने का ‘बॉलीवुड’ का षड्यंत्र है । अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के नाम पर हिन्दू धर्म, देवी-देवता और हिन्दुओं की धार्मिक परम्पराओं की धज्जियां उडायी जाती हैं । हिन्दू समाज इस विषय में आवाज नहीं उठाता, इसलिए ‘बॉलीवुड’ में हिन्दू द्रोह को बढावा मिल रहा है । ब्राह्मण को कपटी और बलात्कारी दिखाना, भारत में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं इत्यादि, ऐसा दिखाकर समाज का ‘ब्रेनवॉश’ किया जा रहा है । ‘जय श्रीराम’ के जयघोष की अपकीर्ति करनेवाले बॉलीवुड के लोग आतंकवादियों की विशिष्ट घोषणाओं के विषय में क्यों नहीं बोलते ? ‘तीन तलाक’ के विषय में क्यों नहीं बोलते ?, ऐसा स्पष्ट प्रश्‍न हिन्दी फिल्म जगत की अभिनेत्री पायल रोहतगी ने समस्त बॉलीवुडवालों से पूछा । उन्होंने कहा, ‘‘यह बॉलीवुड का हिन्दू धर्म पर अत्यंत ही नियोजित ढंग से आघात करने का षड्यंत्र है ।’’ वे 19 जुलाई को सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति के तत्त्वावधान में आयोजित ‘चर्चा हिन्दू राष्ट्र की’, इस ऑनलाइन परिसंवाद शृंखला के ‘हिन्दूविरोधी ‘बॉलीवुड’ का पर्दाफाश’ इस विषय पर ‘विशेष संवाद’में बोल रही थीं ।
यह ऑनलाइन संवाद यू-ट्यूब और फेसबुक के माध्यम से लोगों तक पहुंचा। इस विषय पर अनेक लोगों ने ट्विटर पर #Censor_Web_Series इस हैशटैग का उपयोग कर समर्थन किया । कुछ ही समय में यह हैशटैग भारत में पहले क्रमांक पर ट्रेडिंग में था । इस विषय में लगभग 1 लाख से भी अधिक ट्वीट्स किए गए।
इस संवाद में सहभागी हुए सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुभाष झा आगे बोले, ‘बॉलीवुड’ जिहादियों का अड्डा बन गया है और यहां ‘लव जिहाद’कों सींचा जाता है । भारत के इस्लामीकरण करने के षड्यंत्र में बॉलीवुड का बडा हाथ है । हाजी मस्तान, दाऊद इब्राहिम जैसे ‘अंडरवर्ल्ड’के गुंडों ने ‘बॉलीवुड’ को निधि देकर सुनियोजित ढंग से ‘खानों’ को स्थापित किया है । बॉलीवुड के इस जिहादी अंग की ‘एन्आईए’ द्वारा पूछताछ होनी चाहिए ।
हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे के अनुसार, ‘‘जिस रजा अकादमी ने मुंबई में वर्ष 2012 में दंगे करवाए थे, उसकी मांग ‘मुहम्मद : द मेसेंजर ऑफ गॉड’ इस फिल्म पर बंदी लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत ही अनुमोदन (सिफारिश की) किया; परंतु हिन्दू धर्म पर आघात करनेवाली फिल्मों का हिन्दू भले ही कितना भी विरोध करें, तब भी सरकार कोई कार्यवाही नहीं करती । कानून का बंधन न होने से ‘ओटीटी’ प्लैटफॉर्म्स पर अत्यंत आक्षेपजनक, हिन्दूविरोधी, देशविरोधी एवं सैन्यविरोधी ‘वेबसीरिज’ प्रसारित हो रही है । ‘कोर्ट मार्शल’, ‘कोड एम्’ इन वेबसीरिज में तो भारतीय सेना को समलैंगिक दिखाया है । सरकार ने ऐसी ‘वेबसीरिज’ एवं ‘ओटीटी प्लैटफॉर्म्स’ को केंद्रीय फिल्म परिनिरीक्षण मंडल के नियंत्रण में लाना चाहिए ।

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