रुढि वाद और रीवाज कब तक शास्त्रसम्मत है ?

महर्षि पारस्कर आदि कहते हैं –”ग्रामवचनं च कुर्युः”-।। 11।। “विवाहश्मशानयोर्ग्रामं प्राविशतादिति वचनात् ‘।।12।।“तस्मात्तयोर्ग्रामः प्रमाणमिति श्रुतेः ।।1—–प्रथमकाण्ड, अष्टमी कण्डिका । पारस्करगृह्यसूत्र”

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 महाकाली तत्व मीमांसा

महाकाली को ही महाकाल पुरुष की शक्ति के रूप में माना जाता है । महाकाल का कोई लक्षण नहीं, वह

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जानिये इल्युमिनाटी का त्रिमुखी परिषद्

त्रिमुखी परिषद् की अनौपचारिक रूप से स्थापना विक्रमी सम्वत् 2030 (ईस्वी सन्1973 जून) में हुर्इ्। इसकी स्थापना दो इल्युमिनाटियों ने

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जानिए तैलाभ्यंग… तेल मालिश की विधि  

तैलाभ्यंग रवौ तापः सोमे शोभा कुजे मृतिः । बुधे धनं गुरौ हानिः शुक्रे दुःखं शनौ सुखम् ।। रवौ पुष्पं गुरौ

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भारतीय इतिहास के सबसे बड़े सेक्युलर राजा की विनाश-गाथा

जब उत्तर भारत ख़िलजी, तुग़लक़, ग़ोरी, सैयद, बहमनी और लोदी वंश के विदेशी मुसलमानों के हाथों रौंदा जा रहा था

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जानिये न्यासःपरिचय और प्रयोग 

साधना जगत में संकल्प और विनियोग के बाद बात आती है न्यास की;तत्पश्चात् ही ध्यान,पटल, कवच, स्तोत्र,हृदयादि-पाठ-जपादि का विधान है।

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