भगवान् कृष्ण की महिमा

भगवान् कृष्ण की महिमा

कहीं ऐसा भी होता है कि जिसे अपने ही हाथों पाला हो, जिसे अपने ही हाथों बनाया हो तथा सभी

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श्री राधा तत्व निदर्शन

राधा तत्व निदर्शन

श्री वृष्भानुनन्दिनी  राधिकाजी सर्वश्रेष्ठ तत्त्व हैं। उन्ही का अपर अभिन्न स्वरूप सव्यं भगवान श्रीकृष्ण हैं। जिनका अवतार द्वापर युग के

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वेदों में जैन परम्परा के सूत्र

वेदों में जैन परम्परा के सूत्र

वेद में जैन मत और ऋषि-जैन और बौद्ध मतों को प्रायः नास्तिक या वेद विरोधी मानते हैं। पर वेद में

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ईशोपनिषद् शान्तिपाठ

ईशोपनिषद् शान्तिपाठ

१. वेद के ४ स्तर-१. संहिता (ऋषियों के मन्त्र का संग्रह), ब्राह्मण (व्याख्या), आरण्यक (प्रयोग), उपनिषद् (स्थिर सिद्धान्त-निषाद = बैठना

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मंदिर का घंटा  "स्टॅटिक डिस्चार्ज यंत्र"  

मंदिर का घंटा  “स्टॅटिक डिस्चार्ज यंत्र”  

किसी भी मंदिर में प्रवेश करते समय आरम्भ में ही एक बड़ा घंटा बंधा होता है। मंदिर में प्रवेश करने

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जानिये घर में पूजन सम्बन्धी नियमों को

जानिये घर में पूजन सम्बन्धी नियमों को

अधिकांश हिन्दुओं के घर में पूजन के लिए छोटे छोटे मंदिर बने होते है जहां की वो भगवान की नियमित

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ब्रह्मचर्य

इंद्रिय समूहों की बलवत्ता

गुरु बृहस्पति वामनजी को ब्रह्मचर्याश्रम का उपदेश देते है। बर्ह्मचर्य का पालन के बिना कोई महान नहीं हुआ है और

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