वैदिक शब्दों का क्षेत्रीय स्वरूप

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ)- १. शब्द और संस्था- (क) वेद संस्था-ब्रह्मा ने आरम्भ में कर्मों के अनुसार सब के नाम

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बुद्धों के काल और कार्य

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ)- १. बुद्ध का अर्थ और सूची -मनुष्य के विकास के भी ४ स्तर हैं जिसकी पूर्णता

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यजुर्वेद का प्रथम मन्त्र

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ)- शुक्ल तथा कृष्ण यजुर्वेद की प्रायः सभी शाखाओं के आरम्भ में एक ही मन्त्र है, जिसके

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ब्रह्म के स्थान

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ )- मनुष्य ब्रह्मा कई थे, उनके स्थान तथा समय भी भिन्न-भिन्न हैं। इसमें भ्रम के कई

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भारतीय जलविज्ञान

आदित्य नारायण झा अनल(साभार)- जलविज्ञान (Hydrology) विज्ञान की वह शाखा है जो जल के उत्पादन,आदान-प्रदान, स्रोत, सरिता, विलीनता, वाष्पता, हिमपात,उतार-चढ़ाव,प्रपात,बाढ़,जलाशय,बांध,नहर,सिंचाई

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दीक्षा और गुरु भक्ति

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ) हर व्यक्ति के लिए माता प्रथम गुरु है। उसके बाद पिता से सांसारिक शिक्षा मिलती है।

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आपातकाल में मकरसंक्रांति कैसे मनाएं ?

‘कोरोना की पृष्ठभूमि पर गत कुछ महीनों से त्योहार-उत्सव मनाने अथवा व्रतों का पालन करने हेतु कुछ प्रतिबंध थे ।

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आंध्र प्रदेश के मंदिरों पर आघातों का षड्यंत्र?

सुन्दर कुमार (संपादक)- आंध्र प्रदेश पुलिस महासंचालक के अनुसार वर्ष 2020 में मंदिरों में तोडफोड की 228 घटनाएं हुईं ।

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मुक्तस्यकिम्लक्षणं ? निर्भयं।

त्रिभुवन सिंह (लेखक) मुक्ति भारतीय संस्कृति की अमूल्य पहचान है। मुक्ति की कामना, बन्धनों से मुक्ति अभूतपूर्व दर्शन है।लेकिन इस

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