विद्या-महाविद्या

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ) निसर्ग या प्रकृति से जो ज्ञान मिलता है वह विद्या है। ज्ञान प्राप्ति के ४ मार्ग

पूरा पढें

तन्त्र सिद्धान्त

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ) १. आगम-सनातन साहित्य को आगम कहा गया है। आगम का एक अर्थ है आरम्भ से वर्तमान।

पूरा पढें
इन नवरात्रि धारण करे एक अद्भुत सुरक्षा कवच

इन नवरात्रि धारण करे एक अद्भुत सुरक्षा कवच

आज के दौर में प्रायः लोग स्वयं को असुरक्षित मानकर सदा चिन्तित रहते हैं। बच्चे घर से बाहर निकलते हैं,और

पूरा पढें
जानिये न्यासःपरिचय और प्रयोग

जानिये न्यासःपरिचय और प्रयोग

साधना जगत में संकल्प और विनियोग के बाद बात आती है न्यास की;तत्पश्चात् ही ध्यान,पटल, कवच, स्तोत्र,हृदयादि-पाठ-जपादि का विधान है।

पूरा पढें
जानिये भूत शुद्धि की विधि

जानिये भूत शुद्धि की विधि

(षडध्वशोधन की विधि) गुरु शिष्य को योग्य पाकर उसकी भूत शुद्धि (षडध्वशोधन ) करते हैं जिससे शिष्य सम्पूर्ण बंधनों से

पूरा पढें
महाविद्या मातङ्गी और कमला को जानिये

महाविद्या मातङ्गी और कमला को जानिये

मातङ्गी महाविद्या यह मतंग नाम के शिवजी  की शक्ति है…..   कमला महाविद्या यह धूमावती की प्रतिस्पर्धिनी है, धूमावती ज्येष्ठा

पूरा पढें
शत्रु नाशक वल्गामुखी महाविद्या

शत्रु नाशक वल्गामुखी महाविद्या

सब ही जीवो के (प्राणिमात्र के ) देह के अंदर से ,”अथर्वा” इस नाम का प्रानसूत्र बहता रहता है, स्थूल 

पूरा पढें
जानिये धूमावती महाविद्या को

जानिये धूमावती महाविद्या को

विश्व मे कठिनाई के,अड़चनों के, समस्याओं के, दुखो के, मूल याने रुद्र,यम,वरुण,निर्वृत्ति यह देवता हैं, अलग अलग प्रकार के रोग,दुख,उन्माद,यह

पूरा पढें
जानिये महाविद्या भैरवी को 

जानिये महाविद्या भैरवी को 

दक्षिण अग्नि के प्रभाव से ,विश्व के सर्व ही पदार्थ क्षणोक्षणि नष्ट ही होते हैं, इसीलिए इस रुद्र को “दक्षिणामूर्ति”,

पूरा पढें