वैदिक शब्दों का क्षेत्रीय स्वरूप

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ)- १. शब्द और संस्था- (क) वेद संस्था-ब्रह्मा ने आरम्भ में कर्मों के अनुसार सब के नाम

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यजुर्वेद का प्रथम मन्त्र

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ)- शुक्ल तथा कृष्ण यजुर्वेद की प्रायः सभी शाखाओं के आरम्भ में एक ही मन्त्र है, जिसके

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ब्रह्म के स्थान

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ )- मनुष्य ब्रह्मा कई थे, उनके स्थान तथा समय भी भिन्न-भिन्न हैं। इसमें भ्रम के कई

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दीक्षा और गुरु भक्ति

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ) हर व्यक्ति के लिए माता प्रथम गुरु है। उसके बाद पिता से सांसारिक शिक्षा मिलती है।

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गुरु का बलिदान … किसे याद है इनकी कुर्बानी

नमन कृष्ण भागवत किंकर(धर्मज्ञ) चिड़ियों से मै बाज लडाऊ गीदड़ों को मैं शेर बनाऊं, सवा लाख से एक लडाऊ तभी

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कुमारिका-पूजन (कंजक पूजन) का महत्त्व

कु. कृतिका खत्री,सनातन संस्था, दिल्ली- नवरात्रि पर कुमारिका पूजन का विशेष महत्व है, शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन कुमारिकाओं की पूजा

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नवरात्रि का अध्यात्मशास्त्रीय महत्त्व

कु. कृतिका खत्री, सनातन संस्था, दिल्ली नवरात्रि महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा का त्यौहार है। जिनकी स्तुति कुछ इस प्रकार की

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नवरात्रि मुहूर्त और कलश स्थापना

आचार्य दीपक “तेजस्वी” वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्रि 17 अक्टूबर, शनिवार से प्रारंभ हो रहे हैं और यह महापर्व 26

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प्राचीन जल-प्रलय

श्री अरुण उपाध्याय (धर्मज्ञ)-(१) प्रथम जल प्रलय-हमारे शास्त्रों में कई जल-प्रलयों की चर्चा है। पहला जल प्रलय प्रायः ३१००० ई.पू.

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