महामृत्युञ्जय मन्त्र

१. मूल मन्त्र- ऋषि-वसिष्ठ मैत्रावरुणि, छन्द अनुष्टुप्, देवता-रुद्र (मृत्यु विमोचनी ऋक्) त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीयमामृतात्॥ (ऋक्, ७/५९/१२, वाज.

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शत्रु नाशक वल्गामुखी महाविद्या

शत्रु नाशक वल्गामुखी महाविद्या

सब ही जीवो के (प्राणिमात्र के ) देह के अंदर से ,”अथर्वा” इस नाम का प्रानसूत्र बहता रहता है, स्थूल 

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