बार्हस्पत्य संवत्सर गणना

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ) हर मत से गणना एक ही आती है, पर वराहमिहिर को संवत् प्रवर्त्तक विक्रमादित्य का राज

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