विद्या-महाविद्या

अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ) निसर्ग या प्रकृति से जो ज्ञान मिलता है वह विद्या है। ज्ञान प्राप्ति के ४ मार्ग

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मंत्रोच्चार के बाद क्यों होता हैं ॐ शांति

आदित्य नारायण झा-हिन्दू धर्म में किसी भी पवित्र मंत्रोच्चार के बाद, ऊं शांति शब्द को तीन बार दोहराया जाता है।

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ज्योतिष में देश काल की माप

श्री अरुण कुमार उपाध्याय (धर्मज्ञ) १. सभ्यता का आधार वेद-वेदा हि यज्ञार्थमभिप्रवृत्ताः कालानुपूर्व्या विहिताश्च यज्ञाः। तस्मादिदं कालविधानशास्त्रं, यो ज्योतिषं वेद

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