चारो वर्ण और वेदाध्ययन

चारो वर्ण और वेदाध्ययन

महर्षि भरद्वाजके पूछने पर महर्षि भृगु कहते हैं   न विशेषोऽस्ति वर्णानां सर्वं ब्रह्ममिदं जगत् । ब्रह्मणा पूर्वसृष्टं हि कर्मभिवर्णतां

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