रुद्रयामल तंत्र -मन्त्रदीक्षा तत्व

मन्त्रदीक्षा विचार  भैरवी ने कहा — हे प्रभो ! यदि भाग्यवश महाविद्या का अथवा त्रिशक्ति का सिद्ध मन्त्र कहीं से

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