ॐकार पञ्जर स्तोत्र-सरस्वती वन्दना

अरुण उपाध्याय (धर्मज्ञ) यह तृतीय कालिदास की रचना है। प्रथम कालिदास शुङ्ग वंश के द्वितीय राज अग्निमित्र के समकालीन थे

पूरा पढें